तुमको खो ना सके, तुमको पा ना सके।
राजे दिल भी तुम्हे, हम बता ना सके।।
तुम बसे मेरी सांसों के हर गीत में—
तुम भी सुन ना सके,हम सुना ना सके।।
डा0सुदेश यादव जख्मी
प्यार करता हूं मैं तुमसे मगर मैं कह नहीं सकता
बिछडकर दूर भी तुमसे सनम मैं रह नहीं सकता
मैंने माना तू है नदिया और मैं तो किनारा हूं—
मैं चाहूं भी अगर तो साथ तेरे बह नहीं सकता।
डा0सुदेश यादव जख्मी