Friday, March 30, 2018

मस्त है आज मौसम


मस्त है आज मौसम चले आईये
पहन पायलिया छम—छम चले आईये
ये बतायेंगे मिलकर तुम्हें रूबरू—
कितने बेचैन हैं हम चले आईये।
     कवि सुदेश यादव जख्मी

Wednesday, March 28, 2018

भगवान महावीर जयंती


भगवान महावीर की जयंती पर कुछ दोहे लिखने का प्रयास मात्र किया है जो अपनी अटूट आस्था और समर्पण के साथ प्रभु के चरणों में निवेदित कर रहा हूं कृपया कोई भी नुक्ताचीनी या मात्राऐं गिनने की धृष्टता ना करे आप केवल भगवान के प्रति मेरी आस्था और विश्वास पर ही ध्यान दीजिएगा—

1. सारा जग है जानता, महिमा तेरी अपार।
सेवक हूं तेरा प्रभु,  कर दो बेडा पार।।

2. कैसे मैं कर पाउंगा,  गुणों का तेरे बखान।
असीमित महिमा तेरी,  तुम हो गुणों की खान।।

3. सदा रहो सब प्रेम से, त्याग झूठ अभिमान।
हिंसा को त्यागो सभी, दिया हमें ये ज्ञान।।

4. जब—जब भी नैया मेरी फसी बीच मझधार।
तेरी कृपा से ही प्रभु,  हुई भंवर से पार।।

5. जग तेरी आराधना,  करता है करतार।
सबके संकट काट दे तू, जग के पालनहार।।
                    कवि सुदेश यादव जख्मी
              Mob. 9368666665

Monday, March 12, 2018

होरी के दोहे


लहिं पिचकारी हाथ मँह, आवहुँ री! प्रिय जाँन |
खेलन होरी नेह सों, चलहिं खेत खलिहान ||

बाँहिंनु झूला झूलिहैं, रँगु डारिहुँ बरजोरि |
आवहु खेलहिं फाग प्रिय! ​विनती मम करजोरि ||

नहिं निरखा तुमकों कभी, निकरि गए बहु फाग |
तुम राधे सम लागिहों, ऊपजि हिरदे राग ||


जदपि प्रिये! कँह संग मँह, होरी खेलहिं श्याम |
तदपि श्याम नहिं श्याम हँइ, श्यामा सम अभिराम||

बासंती अनुपम छटा, धारहिं सरसों फूल |
मोकूँ तोकूँ देखिअहिं, नहिं करि जावहिं भूल ||

छैयाँ गुलमौहरि चलहिं,रँग डारहु तुम आइ |
हों हू ऐसौ ही करहुँ, होरी लेंहु मनाइ ||

छ:बिसवाँ होली मिलन, रहे मना हम आज |
राधे सँग महिं श्याम जू, हिरदे करिअहु राज ||


लेहु बधाई आप सब, पुनि पुनि नेह समेत |
हिलि मिलि होरी खेलिहैं, शुभ समाज के हेत ||

गेहूँ जौ की बालियाँ, हँसि हँसि खेलहिं खेल |
अठखेली भँवरे करहिं,लगहिं अनूँठा मेल ||

मौसम की अस दूरियाँ, करअहिं हम इनु दूर |
गले मिलहिं ज़ख्मी संगे, अनीता यादव भरपूर||
                                डा0 सुदेश यादव जख्मी
                       mob. 9368666665