Friday, May 8, 2026

बस करो

 अब सताओ ना यूं, बस करो-बस करो

दिल दुखाओ ना यूं, बस करो-बस करो

इतनी तन्हाई में हम तो मर जायेंगे

दूर जाओ ना यूं, बस करो-बस करो

फूल खिल जायेंगे

 रब ने चाहा तो एक रोज मिल जायेंगे

पास फिर एक दूजे के दिल जायेंगे

मेरे जीवन की बगिया उदासी पडी

आप आ जाओ तो फूल खिल जायेंगे।

जिन्दगी की तरह

 मिल गये तुम हमें हर खुशी की तरह

प्यार बढता रहा तिश्नगी की तरह

तुम हमें प्यार चाहे करो ना करो

हमने चाहा तुम्हें जिन्दगी की तरह।

मुक्तक

क्यों बतायें किसी से हमें प्यार है

बेवफाई से बचने की दरकार है

आप आंखों की भाषा समझ लीजिए

मेरी खामोशी ही मेरा इकरार है।