राजगुरू, सुखदेव, भगत सिंह जैसे वीर, कैसे होंगे पैदा आज कोई तो बताईए
भटकी जवानी यहां आचरण मैला हुआ, पहले सम्मान मात्रशक्ति को दिलाईए
देशप्रेम, त्याग परिवार में रहेगा तभी, पहले इतिहास इन्हें वीरों का पढाईए—
रानी लक्ष्मी बाई और तस्वीर दुर्गा की, घर—घर जाकरके मांओं को को दिखाईए।
सुदेश यादव जख्मी
कवि/पत्रकार







