Sunday, September 29, 2013
Saturday, September 14, 2013
प्यार का आशियाना है ये
जब तलक चाहो दिल में रहो
प्यार का आशियाना है ये
धडकनों के सिवा कुछ नहीं—
सांस का आना—जाना है ये।
तुम दुआ मांगते भी अगर
ऐसे दिल सारे होते नहीं
है जिन्हें प्यार दिलदार से—
प्रेमियों का ठिकाना है ये।
मैंने जब दिल तुम्हें दे दिया
कौन मुझसा है अब दूसरा
आशिकों के लिये ही फकत—
दिल है फिर भी दीवाना है ये।
ये भी पा जायेगा कुछ सुकुं
बेवफाई में तडफा है ये
आपका प्यार मिल जायेगा—
एक अच्छा बहाना है ये।
प्यार को प्यार मिलता रहा
बेवफाई को ठोकर मिली
इश्क में जो भी मशगूल हैं—
उनको हमको बताना है ये।
Monday, September 9, 2013
सजन घर आ जाओ
तुम धडकन तुम सांस,सजन घर आ जाओ
बढती जाये प्यास सजन घर आ आओ।
तुम बिन सावन में पतझड ना हरियाली
घर आंगन सू ना बाहर खाली — खाली
सूख गई सब घास सजन घर आ जाओ।
बढती जाये प्यास.............
तेरी बांहों में कटती थी दिन — रातें
तुम बिन बीत गई हैं कित नी बरसातें
मनवा हुआ उदास सजन घर आ जाओ।।
बढती जाये प्यास.............
तुम बिन खेतों मे सरसों भी ना फूली
तुम बिन झूला मैं सखियों संग ना झूली
सूना है मधुमास सजन घर आ जाओ।
बढती जाये प्यास.............
जग लगता सूना , सूनी चौपालें हैं
यादों के रिसते दिल में अब छाले हैं
घर लगता वनवास सजन घर आ जाओ।।
बढती जाये प्यास.............
आ जाओ बालक भी तुम्हें बुलाते हैं
तन्हाई से बातें कर सो जाते हैं
कौन बंधाये आस सजन घर आ जाओ।
बढती जाये प्यास.............
आखिर क्या है बात जो हमसे रूठ गये
क्या जन्मों के बंधन सारे टूट गये
कोई नही है पास सजन घर आ जाओ।।
बढती जाये प्यास.............
भाग्य ने देखो कैसे — कैसे जख्म दिये
जहर जुदाई पीकर कैसे कोई जिये
अब ना करो निराश सजन घर आ जाओ।।
बढती जाये प्यास.............
Monday, September 2, 2013
ये नेता भारत को कंगाल ही कर देंगे
ये नेता भारत को कंगाल ही कर देंगे ...ये नेता
ये लूट के धन सारा स्विस बैंक में भर देंगे।
...ये नेता
नही सच बोलते ये, नही पूरा तौलते ये
इनकी जुवान पे यकीन मत कीजिये
भले गिडगिडायें ये मनायें तुम्हें लाख बार
पर भ्रष्ट नेताओं को बोट नहीं दीजिये
वर्ना ये जीत करके तुम्हें बेघर कर देंगे।
...ये नेता
इनसे तो अच्छा आप नाग पाल लीजिएगा
कम से कम पता है ये नाग काट खायेगा
ये तो डस लेंगे तुम्हें चोरी—चोरी चुपके से
कितना भरा है विष पार नही पायेगा
ये अपना बनकर भी दहशत और डर देंगे।
...ये नेता
नेता तो सुभाष जी थे फौज तैयार किये
आजादी के लिये लहू अपना बहाये थे
आज के नेता की तरह लूट—पाट करके वो
दिल नहीं भोली—भाली जनता का दुखाये थे
अबके नेता तुमको ना छत बिस्तर देंगे।
...ये नेता
घोटालों की आदत है जायेगी ये धीरे—धीरे
तभी इस देश में अमन आ पायेगा
सत्ता मे तो घुस गये ऐसे गददार कई
लगता है इनका तो खून बदला जायेगा
वरना तो जीवन भर मतभेद कहर देंगे।
...ये नेता
आचरण है इनका मैला प्रदूषण रहे हैं फैला
तारकोल, रोडी,और सीमेंट सारा खा गये
सडकें,पुल टूट रहे,राहजन लूट रहे
गडडों में ही आज गांव शहर सारे आ गये
बेहतर जो स्वयं नहीं वो क्या बेहतर देगें।
...ये नेता
सीमा पे जवान अपनी जान पे है खेलता जो
उसका ही शीश कटे सह नहीं पायेंगे
जरा सा इशारा गर कर दे ये दिल्ली तो
हम आधे पाक के ही सर काट लायेंगे
हम भी देखें कैसे वापस ना सर देंगे
ये नेता...
आज मतदान करो जिसे भी जिताओ आप
पांच साल आपको नजर नही आयेगा
अधिकार मांगोगे जो आज सरकारों से
या तो गोली खायेगा या फिर जेल जायेगा
जनता के प्रश्नों के वो ना उत्तर देंगे।
...ये नेता
ये लूट के धन सारा स्विस बैंक में भर देंगे।
...ये नेता
नही सच बोलते ये, नही पूरा तौलते ये
इनकी जुवान पे यकीन मत कीजिये
भले गिडगिडायें ये मनायें तुम्हें लाख बार
पर भ्रष्ट नेताओं को बोट नहीं दीजिये
वर्ना ये जीत करके तुम्हें बेघर कर देंगे।
...ये नेता
इनसे तो अच्छा आप नाग पाल लीजिएगा
कम से कम पता है ये नाग काट खायेगा
ये तो डस लेंगे तुम्हें चोरी—चोरी चुपके से
कितना भरा है विष पार नही पायेगा
ये अपना बनकर भी दहशत और डर देंगे।
...ये नेता
नेता तो सुभाष जी थे फौज तैयार किये
आजादी के लिये लहू अपना बहाये थे
आज के नेता की तरह लूट—पाट करके वो
दिल नहीं भोली—भाली जनता का दुखाये थे
अबके नेता तुमको ना छत बिस्तर देंगे।
...ये नेता
घोटालों की आदत है जायेगी ये धीरे—धीरे
तभी इस देश में अमन आ पायेगा
सत्ता मे तो घुस गये ऐसे गददार कई
लगता है इनका तो खून बदला जायेगा
वरना तो जीवन भर मतभेद कहर देंगे।
...ये नेता
आचरण है इनका मैला प्रदूषण रहे हैं फैला
तारकोल, रोडी,और सीमेंट सारा खा गये
सडकें,पुल टूट रहे,राहजन लूट रहे
गडडों में ही आज गांव शहर सारे आ गये
बेहतर जो स्वयं नहीं वो क्या बेहतर देगें।
...ये नेता
सीमा पे जवान अपनी जान पे है खेलता जो
उसका ही शीश कटे सह नहीं पायेंगे
जरा सा इशारा गर कर दे ये दिल्ली तो
हम आधे पाक के ही सर काट लायेंगे
हम भी देखें कैसे वापस ना सर देंगे
ये नेता...
आज मतदान करो जिसे भी जिताओ आप
पांच साल आपको नजर नही आयेगा
अधिकार मांगोगे जो आज सरकारों से
या तो गोली खायेगा या फिर जेल जायेगा
जनता के प्रश्नों के वो ना उत्तर देंगे।
...ये नेता
Sunday, September 1, 2013
पांचवी शादी हास्य—व्यंग

मैं पांचवी शादी की खुशी में झूम रहा था
बार—बार पत्नी के हाथों को चूम रहा था
तभी अचानक पुलिस आ गईबार—बार पत्नी के हाथों को चूम रहा था
पुलिस को देख श्रीमति जी घबरा गई
बोली जेठ जी आ गये
दीवान जी आकर मुझको पकड लिया
हथकडी निकाली और जकड लिया
मैं बोला भाई मुझे क्यों पकड रहे हो
बेवजह हथकडी में क्यों जकड रहे हो
दीवान जी बोले तुम्हें लडकी भगाने
के जुर्म में गिरफतार किया जा रहा है
हमारे पास तुम्हारा गिरफतारी वारंट है
मैं बोला होश में तो हो या तुम्हारी बुद्धि शंट है
कल ही तो हमारी शादी
हिन्दू रीति रिवाज से सम्पन्न हुई है
ये अब हमारी धर्म—पत्नी हैं बात बिलकुल सही है
दीवान जी शादी के प्रमाण मांगने लगे
मुझ शरीफ को लडकी भगाने के जुर्म में टांगने लगे
मैं बोला सुबूत दो महीने बाद तुम्हें खुद ही मिल जायेगा
जब सभी अखवारों मे हमारा फोटो आयेगा कि
जख्मीं की बीबी आग की लपटों मे सिमट गई
ऐसी चार घटनाएं पहले घट गई
ये तो मेरी पांचवी बीबी है
बडी परेशान थी ये इसे पैदाइसी टीबी है
एक दिन हम दोनों की आंख लड गई
इसके घरवालों की नजर हम दोनों पे पड गई
लडकी के रिश्ते को लेकर परेशान थे
उन्हें भी कैंसर था दो दिन के मेहमान थे
अपने जीते जी लडकी की शादी करना चाहते थे
मैं एक कवि था इसलिए कह नहीं पाते थे
मैंने खुद ही शादी का प्रस्ताव किया
पत्नी स्वरूप उनकी कन्या का नाम लिया
अगले ही दिन हमारी शादी हो गई
सास तो पहले ही कुंभ के मेले मे खो गई
दो बंगले चार गाडी सबकुछ इसी के नाम है
दो महीने बाद इसका ही काम तमाम है
फिर आग लगेगी और ये भी मर जायेगी
सभी अखवारों मे हमारी फोटो आयेगी
आप सुबूत की फिक्र ना करें
बात सीक्रेट है किसी से जिक्र ना करें
वैसे मैंने छठी शादी के लिये भी लडकी तलाश रक्खी है
जो मिजाज से थोडा शक्की है
जिसका नाम राखी है
चलने फिरने से मोहताज सहारा सिर्फ बैसाखी है
ये लडकी बहुत ही चरित्रवान है
विचारों की बहुत ही महान है
दो महीने पहले एक लडके के साथ भाग रही थी
दीवाली का दिन था दुनियां पटाखे दाग रही थी
भागते—भागते एक गाडी से सठ गई
इसी हादसे मे बेचारी की दोनों टांगे कट गई
ये भी मुझसे शादी के लिये रजामन्द है
इसके अलावा मुझे एक लडकी और पसंद है
जिसका नाम रीना है लाखों मे एक नगीना है
सुराही जैसी गर्दन आंखें कटारी हैं
चार बच्चों की मां लेकिन कुंवारी है
इसके ग्याहरवे आशिक का नाम बिशम्बर है
चार महीने बाद इसका ही नंबर है
मैं दिल मे अब भी कई लडकियों की तस्वीरें उतार रहा हूं
मैं एक कवि हूं इसलिये समाज सुधार रहा हूं
मैं एक कवि हूं इसलिये समाज सुधार रहा हूं
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