Saturday, September 14, 2013

प्यार का आशियाना है ये

जब तलक चाहो दिल में रहो
प्यार  का  आशियाना  है  ये
धडकनों  के सिवा कुछ नहीं—
सांस का आना—जाना है ये।

तुम  दुआ  मांगते भी अगर
ऐसे  दिल  सारे  होते   नहीं
है  जिन्हें  प्यार दिलदार से—
प्रेमियों  का   ठिकाना है ये।

मैंने जब दिल तुम्हें  दे दिया
कौन  मुझसा  है  अब दूसरा
आशिकों के लिये ही फकत—
दिल है फिर भी दीवाना है ये।

ये  भी पा  जायेगा कुछ सुकुं
बेवफाई  में  तडफा   है   ये
आपका प्यार मिल जायेगा—
एक  अच्छा  बहाना   है  ये।

प्यार  को  प्यार मिलता रहा
बेवफाई   को  ठोकर   मिली
इश्क  में  जो  भी मशगूल हैं—
उनको  हमको  बताना है ये।

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