Thursday, April 7, 2022

तुमने सिखला दी मुझको मक्कारी

 तुमसे में दूर बहुत अच्छा था।

कितना भोला था और सच्चा था।।

तुमने सिखला दी मुझको मक्कारी—

बिन तुम्हारे मैं बहुत अच्छा था।।

         डा.सुदेश यादव दिव्य