Thursday, July 31, 2014

बहुत उदास है मन आ जाओ



बहुत उदास है मन आ जाओ
याद में जलता है बदन आ जाओ
हसरतों और न तडफाओ मुझे—
हो भी जाने दो मिलन आ जाओ

        डा0सुदेश यादव जख्मी
          साहित्यकार/पत्रकार

No comments:

Post a Comment