Sunday, October 5, 2014

हमने माना कि हम प्यार करने लगे


 हमने माना कि हम प्यार करने लगे
देखकर   आईना  तुम  संवरने  लगे
  दूरियां  देखकर  हमको ऐसा लगा— 
आप तो इस जमाने से डरने लगे।।
      डा0सुदेश यादव जख्मी
            कवि

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