Thursday, August 15, 2013

हम वीर बहादुर हैं


हम वीर बहादुर हैं हम तेरे जाये हैं
चरणों मे चढाने को सर अपना लाये हैं

तू गम ना कर माता सीमा पे खडे हैं हम
तू जहां—जहां चाहे फहरा देंगे परचम
तेरी खुशियों का हम संकल्प उठाये हैं।

तेरी गोद में खेले हम घुटनों चल बडे हुये
अब रक्षा की खातिर हथियार ले खडे हुये
संगीन  उठाते  ही  दुश्मन  घबराये  हैं।

आजाद तुझे करने को वीरों ने दी कुर्बानी
हम उनके अनुयायी जो वीर थे बलिदानी
उन्हें कैसे भुला दें हम आजादी दिलाये हैं।

जांबाज सिपाही हैं गौरव तेरा है मां
तन—मन—धन जो भी है ये सब तेरा है मां
सर अपना हथेली पर हम भी तो उठाये हैं।

भारत माता तेरे है शान तिरंगे की
जां देके भी रखेंगे हम आन तिरंगे की
जख्मीं भारत माता गुण तेरे गाये है।

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