आज मौसम गुलाबी हुआ,दिल लगाने की बातें करो
दूरियां ना रहें बीच में पास आने की बातें करो
मस्त पुरवा के झोके चले,गुल से बतला रही तितलियां
तुम भी घूंघट शरम—लाज का,अब उठाने की बातें करो
जानें कब का ये दिल दे दिया,तुमको पहली मुलाकात में
मेहरबां अब तो हो जाईये, अब ना जाने की बातें करो
ये अदा नाजुकी आपकी, जान ले ले ना ये सादगी
खुद को दीवानों की भीड से,अब बचाने की बातें करो
बिन तुम्हारे गुजारा नहीं, और कोई भी प्यारा नहीं
दिल में क्या राज है खोलिये, और बताने की बातें करो
प्यार दीवाना जख्मीं हुआ, आज भा ये ना तन्हाईयां
साथ लेकर नया आशियां, अब बनाने की बातें करो
डा0सुदेश यादव जख्मीं
कवि/पत्रकार

No comments:
Post a Comment