ehshash dil ka
Thursday, August 15, 2013
चाहें जितने सितम कर लो
प्यार करता हूं मैं तुमसे यकीं मुझ पर सनम करलो
तमन्ना है यही मेरी मुझको बांहों में तुम भर लो
मुझे गर मौत भी आये तेरी आगोश में आये—
भुलायेंगे तुम्हें ना हम चाहें जितने सितम कर लो।
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