ehshash dil ka
Saturday, August 31, 2013
वो काला तिल नहीं होता
तेरे दिल के लिये बेचैन मेरा दिल नहीं होता
तसव्वुर में तेरा आना कभी शामिल नहीं होता
भले पहले से जख्मीं हूं मगर दीवाना ना होता—
अगर रूखसार पर तेरे वो काला तिल नहीं होता।।
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