ehshash dil ka
Monday, August 19, 2013
आशियानें पे बिजली गिरी
मुस्कुराने के दिन आये थे आशियानें पे बिजली गिरी
कोई छोटा—बडा ना बचा हर ठिकाने पे बिजली गिरी
याद आने लगे अब हमे उनकी बांहों में गुजरे वो पल—
जब उन्होंने नजर फेर ली दिल दीवाने पे बिजली गिरी।
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